माँ ने कहा—मैं हूँ ना, चिंता किस बात की
कहते हैं ना… “माँ के दरबार में कोई अपनी मर्जी से नहीं जाता,जब माँ बुलाती हैं, तभी उनके चरणों तक पहुँच पाता है।”…
Read Moreरण छोड़ना कायरता नहीं, सही समय की रणनीति है
हम अक्सर मान लेते हैं कि जो व्यक्ति मैदान छोड़कर पीछे हट गया, वह हार गया। लेकिन इतिहास और धर्म हमें सिखाते हैं…
Read Moreप्रीत और प्रेत
कहते हैं, प्रीत इंसान को जीना सिखाती है और प्रेत उसे मरने के बाद भी जीने नहीं देता।लेकिन कभी-कभी दोनों के बीच की…
Read Moreवह सिर्फ़ प्यार चाहता था
शादी के बाद उसने अपनी पत्नी को सिर्फ़ पत्नी नहीं माना था।उसने उसे अपना घर माना था।उसकी सुबह पत्नी के चेहरे से…
Read Moreजिम्मेदारी लेने का मतलब मुफ्त में बदनामी लेना
कभी-कभी इंसान किसी रिश्ते को निभाने के लिए अपना सब कुछ लगा देता है…और बदले में उसे सिर्फ एक चीज मिलती…
Read Moreचिंता से चिता तक का सफर
कुछ लोग मरने से पहले ही बहुत बार मर चुके होते हैं… लोग कहते हैं जिंदगी बहुत खूबसूरत है…लेकिन शायद उन्होंने…
Read Moreमैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ
“मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ।” इन पंक्तियों में जीवन का वह दर्शन छिपा है, जहाँ…
Read Moreमैं अकेला था, अकेला हूँ… और शायद अकेला ही रह जाऊँ
कभी-कभी इंसान लोगों से नहीं,उनके चले जाने के बाद बची हुई खामोशी से हार जाता है। मैं अकेला हूँ… यह कहना आसान है,…
Read Moreज्यादा देने वाला हमेशा ठगा गया है
कहते हैं कि रिश्ते बराबरी से चलते हैं, लेकिन जिंदगी की एक कड़वी सच्चाई यह है कि जिसने सबसे ज्यादा दिया, अक्सर…
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