Unknown Writer

मेरा सबके लिए अच्छा होना ही, मेरे खुद के लिए बुरा बन गया

जब दूसरों का साथ निभाते-निभाते इंसान खुद से ही हारने लगे कभी-कभी इंसान की सबसे बड़ी गलती उसका बुरा होना...

प्रेम—जहाँ पाने से अधिक प्रिय की खुशी मायने रखती है

प्रेम का सबसे खूबसूरत रूप वह नहीं, जिसमें हम किसी को अपना बना लें; बल्कि वह है, जिसमें हम उसे...

पहले बहुत सारी बातें थीं, अब कोई बात नहीं

पति-पत्नी के रिश्ते में बढ़ती खामोशी सिर्फ संवाद की कमी नहीं, रिश्ते के भीतर पैदा होती दूरी की कहानी है...

शुभचिंतक बहुत हैं, बस मेरी खुशी से परेशान हैं

मेरे शुभचिंतक बहुत हैं…इतने कि मेरी हर परेशानी उन्हें दिखाई देती है,मेरी हर गलती पर सलाह देने वाले मिल जाते...

जिस रिश्ते में ‘ना’ कहने की आज़ादी नहीं होती, वहाँ ‘हाँ’ की कीमत भी कम हो जाती है

कभी-कभी रिश्ते टूटते इसलिए नहीं हैं कि प्यार खत्म हो गया… रिश्ते इसलिए टूट जाते हैं क्योंकि किसी एक ने...

फ्रेंडशिप बैंड चाहे कम हों, लेकिन राखियों से हाथ भरे होने चाहिए…

कलाई पर फ्रेंडशिप बैंड बाँधने वाले बहुत मिल जाते हैं…लेकिन राखी बाँधने वाली बहनें हर किसी के नसीब में नहीं...

जिम्मेदारी लेने का मतलब मुफ्त में बदनामी लेना

कभी-कभी इंसान किसी रिश्ते को निभाने के लिए अपना सब कुछ लगा देता है...और बदले में उसे सिर्फ एक चीज...