खुशियों की तलाश
जब इंसान भीतर से पूरी तरह टूट जाता है, जब चारों ओर लोगों की भीड़ होने के बावजूद वह खुद को अकेला महसूस करता है, तब उसे किसी सहारे की तलाश होती है। शायद उसी पल भगवान उसकी ज़िंदगी में किसी ऐसे इंसान को भेज देते हैं, जो बिना किसी रिश्ते का नाम लिए उसकी दुनिया बदल देता है।
उस रिश्ते की कोई परिभाषा नहीं होती। वह दोस्ती भी हो सकता है, अपनापन भी, या फिर ऐसा अनकहा साथ, जिसे शब्दों में बाँधना संभव नहीं। वह रिश्ता सिर्फ महसूस किया जाता है।
धीरे-धीरे उसकी हर मुस्कान हमारी खुशी बन जाती है। उसकी आँखों की नमी हमारे दिल को बेचैन कर देती है। उसकी तकलीफ़ हमारी रातों की नींद छीन लेती है, और उसकी एक छोटी-सी हँसी हमारी पूरी दुनिया रोशन कर देती है।
फिर एक समय ऐसा आता है जब ऐसा लगता है कि ज़िंदगी उसी एक इंसान के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। सुबह उसकी याद से शुरू होती है और रात उसके ख़यालों पर खत्म। उसके एक संदेश से चेहरे पर मुस्कान खिल उठती है, और अगर वह संदेश न आए तो पूरा दिन जैसे अधूरा-सा लगने लगता है।
दुनिया की सारी भीड़, सारे शोर, सारी दौड़-भाग पीछे छूट जाती है। न धन की चाह रहती है, न शोहरत की। बस एक ही इच्छा होती है—वह इंसान मुस्कुराता रहे, खुश रहे। क्योंकि उसकी खुशी में ही अपनी खुशी दिखाई देने लगती है।
शायद सच्चा अपनापन यही होता है… जहाँ अपना सुख भी दूसरे की मुस्कान में बस जाए। जहाँ कोई रिश्ता किसी नाम का मोहताज न हो, लेकिन उसकी अहमियत हर रिश्ते से बढ़कर हो।
लेकिन जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि किसी इंसान को अपनी पूरी दुनिया बना लेना जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही कठिन भी होता है। क्योंकि इंसान बदल सकते हैं, परिस्थितियाँ बदल सकती हैं, रास्ते अलग हो सकते हैं। इसलिए प्यार कीजिए, अपनापन दीजिए, किसी की खुशियों में अपनी खुशियाँ ढूँढ़िए… लेकिन अपनी पहचान, अपने सपने और अपने अस्तित्व को कभी मत खोइए।
जो रिश्ता आपको मुस्कुराना सिखाए, वह भगवान का दिया हुआ सबसे अनमोल उपहार है। और यदि कभी वह रिश्ता समय के साथ दूर भी हो जाए, तो उसकी दी हुई मुस्कानें और यादें हमेशा आपके साथ रहती हैं।
क्योंकि खुशियाँ किसी एक इंसान में नहीं होतीं… खुशियाँ उस एहसास में होती हैं, जहाँ आपका दिल बिना किसी स्वार्थ के किसी और की मुस्कान के लिए धड़कता है।
True
Beautiful thoughts for beautiful bond of care