द्वारिका — श्रीकृष्ण के हृदय का द्वार
स्कन्द पुराण के द्वारका माहात्म्य और मेरी द्वारिकाधीश यात्रा की अनुभूति “द्वारिका केवल एक नगरी नहीं, श्रीकृष्ण के हृदय का...
स्कन्द पुराण के द्वारका माहात्म्य और मेरी द्वारिकाधीश यात्रा की अनुभूति “द्वारिका केवल एक नगरी नहीं, श्रीकृष्ण के हृदय का...
कहते हैं ना… “माँ के दरबार में कोई अपनी मर्जी से नहीं जाता,जब माँ बुलाती हैं, तभी उनके चरणों तक...
हम अक्सर मान लेते हैं कि जो व्यक्ति मैदान छोड़कर पीछे हट गया, वह हार गया। लेकिन इतिहास और धर्म...
कहते हैं, प्रीत इंसान को जीना सिखाती है और प्रेत उसे मरने के बाद भी जीने नहीं देता।लेकिन कभी-कभी दोनों...
खून से लिखी वह कहानी, जो 15 अगस्त की सुबह तिरंगे में बदल गई 13 अप्रैल 1919… बैसाखी का दिन...
“मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ।” इन पंक्तियों में जीवन का वह दर्शन...
कहते हैं कि रिश्ते बराबरी से चलते हैं, लेकिन जिंदगी की एक कड़वी सच्चाई यह है कि जिसने सबसे ज्यादा...
जीवन में हर व्यक्ति सफलता चाहता है, लेकिन बहुत कम लोग सफलता के उस रास्ते पर चलने का धैर्य रखते...
दुनिया में शायद सबसे कठिन काम है—खुद को पहचानना। लोग आपको रोज़ अलग-अलग नाम देंगे।कोई आपको बहुत अच्छा कहेगा, कोई...
दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः ।वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते ॥ श्रीमद्भगवद्गीता का यह श्लोक केवल पढ़ने के लिए नहीं है, यह जीने की कला...