Dev Narayan Chhangani

द्वारिका — श्रीकृष्ण के हृदय का द्वार

स्कन्द पुराण के द्वारका माहात्म्य और मेरी द्वारिकाधीश यात्रा की अनुभूति “द्वारिका केवल एक नगरी नहीं, श्रीकृष्ण के हृदय का...

माँ ने कहा—मैं हूँ ना, चिंता किस बात की

कहते हैं ना… “माँ के दरबार में कोई अपनी मर्जी से नहीं जाता,जब माँ बुलाती हैं, तभी उनके चरणों तक...

रण छोड़ना कायरता नहीं, सही समय की रणनीति है

हम अक्सर मान लेते हैं कि जो व्यक्ति मैदान छोड़कर पीछे हट गया, वह हार गया। लेकिन इतिहास और धर्म...

जलियावाला बाग की चीख से लालकिले के जयघोष तक

खून से लिखी वह कहानी, जो 15 अगस्त की सुबह तिरंगे में बदल गई 13 अप्रैल 1919… बैसाखी का दिन...

ज्यादा देने वाला हमेशा ठगा गया है

कहते हैं कि रिश्ते बराबरी से चलते हैं, लेकिन जिंदगी की एक कड़वी सच्चाई यह है कि जिसने सबसे ज्यादा...

“न प्रशंसा उड़ाती है, न निंदा गिराती है… मैं अपना मूल्य जानता हूँ”

दुनिया में शायद सबसे कठिन काम है—खुद को पहचानना। लोग आपको रोज़ अलग-अलग नाम देंगे।कोई आपको बहुत अच्छा कहेगा, कोई...

सुख का आनंद लो, लेकिन सुख के गुलाम मत बनो

दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः ।वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते ॥ श्रीमद्भगवद्गीता का यह श्लोक केवल पढ़ने के लिए नहीं है, यह जीने की कला...