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सुख का आनंद लो, लेकिन सुख के गुलाम मत बनो

दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः ।वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते ॥ श्रीमद्भगवद्गीता का यह श्लोक केवल पढ़ने के लिए नहीं है, यह जीने की कला...

महाभारत सिर्फ़ युद्ध नहीं – बुरे सलाहकारों के परिणाम का नतीजा

महाभारत को हम अक्सर एक महान युद्ध की कहानी के रूप में देखते हैं—पांडव और कौरव, धर्म और अधर्म, हस्तिनापुर...

जब एक अजनबी मेरा सबसे अपना बन गया…

यह कहानी शुरू होती है... साल 2022 से। साल 2022... ज़िंदगी अपनी रफ्तार से भाग रही थी। हर सुबह जिम्मेदारियों...

माणखां थाणे क्यूँ स्वतंत्रता री चाह

माणखां थाणे क्यूँ स्वतंत्रता री चाह?(कविता )ज्योति स्वामी, बीकानेर, राजस्थान माणखां थाणे क्यूँ स्वतंत्रता री चाह,स्वतंत्रता सूं हमेशा भलो नीं...