डांडिया रास: माँ की आराधना या मनोरंजन की आड़ में मर्यादाओं का पतन?
जिस पर्व का उद्देश्य माँ शक्ति की आराधना करना था, क्या वह कहीं केवल दिखावे और मनोरंजन तक सीमित होता...
जिस पर्व का उद्देश्य माँ शक्ति की आराधना करना था, क्या वह कहीं केवल दिखावे और मनोरंजन तक सीमित होता...
जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि इंसान चाहे जितनी योजनाएँ बना ले, समय के आगे उसकी एक नहीं...
जिस मन में सवाल जीवित रहते हैं, वही मन नई संभावनाओं को जन्म देता है “जिज्ञासा मनुष्य के विकास में...
जिंदगी की भागदौड़ में कहीं जिंदगी ही पीछे न छूट जाए आज का इंसान लगातार दौड़ रहा है। किसी को...
**“क्रोधाद्भवति संमोहः, संमोहात्स्मृतिविभ्रमः। स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो, बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥”** — श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 2, श्लोक 63 क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु क्यों है? मनुष्य...
हमारे पुराणों और पुरानी कहानियों में ऐसे अनगिनत उदाहरण मिलते हैं, जहाँ सच्चाई पर सवाल उठे, चरित्र पर आरोप लगे...
महाराजा गंगा सिंह और गंग नहर : जब एक दूरदर्शी राजा ने रेगिस्तान की प्यास को हरियाली में बदलने का...
“ख्वाबों का नशा किए इंसान को मंज़िल पर ही होश आता है…” कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें आँखें बंद...
कल मंदिर में मेरे नन्हे से कान्हा के दर्शन हुए थे… पता नहीं क्यों, उन्हें देखते ही दिल भर आया।मन...
“कृष्ण कौन हैं?” क्या वे केवल सिर पर मोरपंख सजाए, होंठों पर बाँसुरी रखे हुए ग्वालबालों के सखा हैं?क्या वे...