मैं अकेला था, अकेला हूँ… और शायद अकेला ही रह जाऊँ
कभी-कभी इंसान लोगों से नहीं,उनके चले जाने के बाद बची हुई खामोशी से हार जाता है। मैं अकेला हूँ… यह...
कभी-कभी इंसान लोगों से नहीं,उनके चले जाने के बाद बची हुई खामोशी से हार जाता है। मैं अकेला हूँ… यह...
"कभी-कभी इंसान किसी के जाने से नहीं टूटता… वह तब टूटता है, जब वही इंसान उसे उसकी औकात बता देता...
यह कहानी शुरू होती है... साल 2022 से। साल 2022... ज़िंदगी अपनी रफ्तार से भाग रही थी। हर सुबह जिम्मेदारियों...
"कभी-कभी रिश्ते खत्म नहीं होते… बस एक इंसान उन्हें निभाता रहता है और दूसरा उन्हें छोड़ देता है।" कहते हैं...